आप ब्राउज़र के पुराने संस्करण का उपयोग कर रहे हैं. MSN का सर्वश्रेष्ठ अनुभव प्राप्त करने के लिए, कृपया किसी समर्थित संस्करण का उपयोग करें.

जब मार्केट डाउन हो तब आपकी म्यूच्यूअल फंड्स स्ट्रेटेजी क्या होनी चाहिए

बैंकबज़ार लोगो बैंकबज़ार 12-09-2018 आदिल शेट्टी
© A&A Dukaan Financial Services Private Limited द्वारा प्रदत्त

मार्केट, या सभी केटेगरी के एसेट क्लास में उतार-चढ़ाव का चक्र चलता रहता है। उनमें हमेशा तेजी या हमेशा मंदी नहीं रहती है। इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स की कीमतें या उनका नेट एसेट वैल्यू (NAV), स्टॉक मार्केट गिरने पर कम हो जाता है। इससे इन्वेस्टर अपने रिटर्न को लेकर परेशान हो सकते हैं या वे इस मौके का फायदा उठाते हुए म्यूच्यूअल फंड्स में अधिक से अधिक इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं क्योंकि उस समय कम NAV अधिक आकर्षक लगता है। लेकिन, आपको ऐसा कोई स्टेप नहीं लेना चाहिए जो आपके वेल्थ क्रिएट करने के प्रयास को विफल कर सके।

एक इन्वेस्टर को स्टॉक मार्केट की गिरावट के दौरान नीचे बताए गए पांच कार्य करने चाहिए:

डरें नहीं, अपना SIP न रोकें

‘डरें नहीं’ यह सलाह बहुत आम है लेकिन दुर्भाग्य की बात है, इन्वेस्टर्स इस पर सबसे कम अमल करते हैं। एक म्यूच्यूअल फंड इन्वेस्टर को सबसे पहले स्टॉक मार्केट के इस टेस्टिंग टाइम के दौरान शांत रहने और धैर्य रखने की कोशिश करनी चाहिए। कोई भी अनुचित फैसला लेना जैसे स्टॉक मार्केट में गिरावट के कारण अपने सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को रोकना आगे चलकर आपके इन्वेस्टमेंट के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है। म्यूच्यूअल फंड में आम तौर पर एक लम्प सम अमाउंट डालकर या सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के माध्यम से इन्वेस्ट किया जाता है। आपके रिटर्न पर स्टॉक मार्केट के उतार-चढ़ाव का असर पड़ेगा। आपको ऐसा लग सकता है कि जब NAV कम हो उस समय MF में इन्वेस्ट करना बुद्धिमानी है लेकिन तब क्या होगा जब मार्केट लम्बे समय तक नीचे खिसकता रहे? NAV और कम होता चला जाएगा और आपके एक्सपेक्टेड रिटर्न को प्रभावित कर सकता है। दूसरी तरफ, SIP के माध्यम से इन्वेस्ट करना फायदेमंद साबित हो सकता है। जब आप एक SIP में इन्वेस्ट करते हैं तब आप मार्केट कंडीशंस की परवाह किए बिना इन्वेस्ट करते रहते हैं। इस तरह NAV के बढ़ने या घटने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा और जब अस्थिरता ख़त्म हो जाएगी तब आपको एक अच्छा खासा एक्सपेक्टेड रिटर्न मिल सकता है। इसलिए, नियम यही है कि अपने SIP में इन्वेस्ट करते रहें।

अपनी रिस्क लेने की चाहत पर दोबारा गौर करें

स्टॉक मार्केट में गिरावट के दौरान अपनी रिस्क लेने की चाहत पर दोबारा गौर करें। देखें कि a) क्या आपकी रिस्क लेने की क्षमता वैसी ही है जैसी म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्टमेंट शुरू करते समय थी, b) क्या पिछले कुछ सालों में आपकी रिस्क लेने की चाहत बढ़ी है? और c) क्या आपकी रिस्क लेने की क्षमता कम हो गई है? यदि आपका जवाब पहले दो ऑप्शंस में से कोई एक के लिए ‘हाँ’ है तो आपको बेकार में परेशान होने की जरूरत नहीं है और आप अपने इन्वेस्टमेंट को उसी तरह छोड़ सकते हैं। यदि आपकी रिस्क लेने की चाहत में बदलाव आया है तो आपको सबसे पहले यह पता लगाना होगा कि निकट भविष्य में किसी इमरजेंसी के लिए आपको असल में कितने पैसों की जरूरत पड़ सकती है। आपको उसी हिसाब से अपने मौजूदा इन्वेस्टमेंट में से आंशिक रूप से आवश्यक रकम निकालनी चाहिए और बाकी रकम को चक्रवृद्धि की दर से बढ़ने के लिए वहीं छोड़ देना चाहिए।

अपनी रिस्क लेने की चाहत का जायजा लेने के बाद, आप और अधिक फंड्स खरीदने पर विचार कर सकते हैं क्योंकि NAV कम है। आप एक ऐसा फंड भी चुन सकते हैं जिसमें उसके साथी फंडों की तरह ज्यादा गिरावट न आई हो। इससे यह अनाकर्षक नहीं हो जाता है बल्कि इस बात की संभावना बढ़ जाती है कि यह मार्केट क्रैश से बाहर निकल गया है और अपने साथियों से अधिक मजबूत है।

फोकस्ड रहें, अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को याद रखें

स्टॉक मार्केट की गिरावट के दौरान, इन्वेस्टर्स अपना ध्यान काफी हद तक अपने इन्वेस्टमेंट को बचाने पर लगाते हैं और अपने लक्ष्य को भूल जाते हैं जिनके लिए उन्होंने इन्वेस्ट करना शुरू किया था। अपने इन्वेस्टमेंट को निकालने की जल्दबाजी न करें। यह स्टॉक मार्केट के बुरे वक्त में उठाया जाने वाला गलत कदम है। इसके बजाय, मार्केट की गिरावट के दौरान भी इन्वेस्टर को अपने फाइनेंशियल लक्ष्य को याद रखना चाहिए और उसे पूरा करने करने पर ध्यान देना चाहिए।

अतिरिक्त खरीदारी

एक एसेट खरीदना जब उसका वैल्यू कम हो, एक अच्छा वेल्थ क्रिएट करने के लिए एक अच्छी स्ट्रेटेजी है। यही बात म्यूच्यूअल फंड इन्वेस्टमेंट्स के लिए भी सही है। यदि आप एक SIP कर रहे हैं और मार्केट में करेक्शन होता है और तेज गिरावट का समय आता है तो लम्प सम इन्वेस्टमेंट के माध्यम से अतिरिक्त फंड यूनिट्स खरीदना एक अच्छी इन्वेस्टमेंट आदत है। अधिकांश म्यूच्यूअल फंड्स, इन्वेस्टरों को एक ही स्कीम में SIP करने के दौरान अतिरिक्त खरीदारी करने की इजाजत देते हैं। इससे इन्वेस्टरों को कम कीमत पर अधिक यूनिट्स खरीदकर अपने इन्वेस्टमेंट कॉस्ट को तेजी से एवरेज आउट या औसत करके स्टॉक मार्केट के अपट्रेंड या उछाल के दौरान उन्हें बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमाने में मदद मिल सकती है।

अपने इन्वेस्टमेंट को डाइवर्सिफाई करें

मार्केट की गिरावट के दौरान, इन्वेस्टरों को अपने मौजूदा म्यूच्यूअल फंड स्कीम्स के अलावा अन्य स्कीमों का पता लगाना चाहिए। उदाहरण के लिए, आप सेक्टर फंड्स, मिड और स्मॉल कैप स्कीम्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं यदि वे आपके मौजूदा पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं हैं। आम तौर पर मुश्किल समय में आपको अपने पोर्टफोलियो में अन्य स्कीम्स को भी शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए। इससे आपका पोर्टफोलियो ज्यादा बैलेंस्ड और वर्सटाइल हो जाता है और आपके इन्वेस्टमेंट का वैल्यू भी बढ़ जाता है। मार्केट के मुश्किल समय में अपने इन्वेस्टमेंट को डाइवर्सिफाई करने की स्ट्रेटेजी अपनाने से आगे चलकर यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है और आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों को उम्मीद से जल्दी पूरा करने में आपकी मदद कर सकता है।

मार्केट को टाइम करना मुश्किल है। मार्केट गिरने के दौरान आप अधिक फंड्स खरीद सकते हैं। लेकिन, ऐसा करते समय, फंड के बारे में अच्छी तरह जान लें, अपने रिस्क लेने की चाहत पर दोबारा गौर करें और अपने SIP में इन्वेस्ट करते रहें। आप आगे के स्टेप्स के बारे में एक एक्सपर्ट आइडिया लेने के लिए अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से संपर्क कर सकते हैं।

लेखक, बैंकबाज़ार के सीईओ हैं।

BankBazaar.com, भारत का एक प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस है जो तरह-तरह के क्रेडिट कार्डपर्सनल लोनहोम लोनकार लोन, और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की तुलना करने और उनके लिए अप्लाई करने में लोगों की मदद करता है।

बैंक बाजार की अन्य खबरें

बैंकबज़ार
बैंकबज़ार
image beaconimage beaconimage beacon