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Rohingyas In Jammu Kashmir: कार्रवाई के डर से लापता हो गए कई रोहिंग्या, असम-बंगाल जाने की आशंका

जागरण लोगो जागरण 08-03-2021 राहुल शर्मा
Rohingyas In Jammu Kashmir: कार्रवाई के डर से लापता हो गए कई रोहिंग्या, असम-बंगाल जाने की आशंका © जागरण द्वारा प्रदत्त Rohingyas In Jammu Kashmir: कार्रवाई के डर से लापता हो गए कई रोहिंग्या, असम-बंगाल जाने की आशंका

जम्मू, राज्य ब्यूरो: जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों, देश विरोधी तत्वों के सहयाेग से समाज में रच बस गए रोहिंग्या अनुच्छेद 370 हटने के बाद खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे थे। ऐसे में अहिस्ता-अहिस्ता कई परिवार प्रदेश से बाहर निकल गए।

रोहिंग्या की धरपकड़ के लिए शुरू की गई कार्रवाई के दौरान रोहिंग्यों के रहने के ठिकानों पर दबिश दे रही पुलिस को कई जगहों से खाली हाथ लौटना पड़ा है। ऐसे में स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि यहां पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना को देखते हुए रोहिंग्यां यहां से अहिस्ता अहिस्ता निकलना शुरू हो गए थे। ऐसे हालात में रविवार को सिर्फ बीस रोहिंग्या को ही मौलाना आजाद स्टेडियम लाया गया। ये लोग बंगाल, असम जैसे राज्यों की ओर निकले है। ऐसे में अब पुलिस की ओर से जारी कार्रवाई में ज्यादा रोहिंग्या मिलने के आसार नही हैं। सूत्रों के अनुसार जम्मू संभाग में करीब आठ हजार रोहिंग्या में से खासे निकल चुके हैं।

उच्च पदस्थ सूत्राें के अनुसार जम्मू में अवैध रूप से बसे रोहिंग्या की धर पकड़ के लिए पुलिस की कार्रवाई जोरशोर से जारी रहेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में उनकी मौजूदगी की स्थिति स्पष्ट हाे जाएगी। हीरानगर के बाद कठ़ुआ व सांबा में भी उन्हें रखने के लिए जल्द होल्डिंग सेंटर बनाया जा सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अब कितने रोहिग्यां यहां पर रह गए हैं, यह पता करने के लिए कार्रवाई जारी है। उनके अनुसार जम्मू जिले में कुछ समय पहले तक अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 5500 के करीब रोहिंग्या थे।

सरकारी आकंड़ों के मुताबिक जम्मू, सांबा व कठुआ जिलों में रह रहे रोहिंग्या मुस्लिमों और बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या में 2008 से 2016 के वृद्धि हुई थी। इस दौरान कुछ राजनीतिक दलों ने भी उन्हें समर्थन दिया तो इसके विरोध में जम्मू मेूं उनके खिलाफ मुहिम शुरू हो गई कि वे क्षेत्र की शांति के लिए ख़तरा है।

अब जम्मू कश्मीर प्रशासन ने रोहिंग्या मुसलमानों की बायोमेट्रिक जानकारी सहित अन्य विवरण जुटाने की मुहिम छेड़ दी है।

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