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झुग्गियों से आई एक लड़की को लोग करते रहे रिजेक्ट लेकिन उसने हार नहीं मानी, 500 से ज्यादा ऑडिशन दिए, फिर जाकर मिला टीवी में काम

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मुंबई. ‘सपने सुहाने लड़कपन के...’ फेम महिमा मकवाना ने कम वक्त में ही टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली। महज 19 साल की महिमा ने टीवी पर 'दिल की बातें दिल ही जाने', 'अधूरी कहानी हमारी', 'कोड रेड', 'प्यार तूने क्या किया', 'रिश्तों का चक्रव्यू' जैसे शोज में काम किया है। कम ही लोग जानते हैं कि महिमा जब चार महीने की थी, तभी उन्होंने अपने पिता को खो दिया। इसके बाद उन्होंने फैमिली के साथ दहिसर की एक चॉल में रहकर 15 साल स्ट्रगल किया। टीवी इंडस्ट्री में एंट्री लेने के दो साल बाद 2015 में उन्होंने मुंबई के मीरा रोड इलाके में नया घर खरीदा और अपनी मां को गिफ्ट किया था। आज महिला के पास आठ लाख की अपनी स्कोडा कार भी है।

500 से ज्यादा ऑडिशन में हुईं रिजेक्ट

- 1999 में किडनी इन्फेक्शन की वजह से महिमा के पापा की डेथ हो गई। वे कंस्ट्रक्शन के फील्ड में थे।

- पापा की मौत के बाद महिमा और उनके भाई को मां ने पाला। महिमा की मां सोशल वर्कर थीं और अब बेटी का काम देखती हैं। महिमा का बड़ा भाई अकाउंटेंट है।

- dainikbhaskar.com से बातचीत में महिमा ने बताया था, "मैंने अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 13 साल की उम्र में मेरे एक्टिंग करियर की शुरुआत हो गई थी। लेकिन इस फील्ड में पहचान बना पाना मेरे लिए आसान नहीं था। मुझे आज भी याद है कि मैंने 500 से ज्यादा ऑडिशंस दिए। मुझे रिजेक्ट किया जाता रहा। कई बार फेल होने के बाद मैंने अपने सपने को छोड़ने का मन बना लिया। लेकिन मां ने मुझे मोटिवेट किया।"

- "आज मैं जो भी हूं, उन्हीं के विश्वास और डेडिकेशन की वजह से हूं। शुक्र है कि लीड रोल के तौर पर मुझे 'सपने सुहाने लड़कपन के' मिला। उसके बाद कभी मैंने मुड़कर नहीं देखा। मैं खुद पर प्राउड फील करती हूं कि बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में मैंने अपना मुकाम बना लिया।"

चॉल में रहने में कोई दिक्कत नहीं

- महिमा कहती हैं - ''उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे चॉल में पैदा हुईं और पली-बढ़ीं। उनका कहना है कि अगर उन्हें मौका मिले तो वे जिंदगीभर चॉल में रहना पसंद करेंगी।''

- वे कहती हैं, "आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन लोग मुझसे कहते थे कि मुझे घर खरीद लेना चाहिए। भले ही किराए की हो, एक कार भी होनी चाहिए।’’

- ‘‘वे कहते थे कि चॉल से आना एक एक्टर की पर्सनैलिटी को सूट नहीं करता। लेकिन मैंने उनकी नहीं सुनी। मेरे पास खुद का घर था। चॉल में थी तो क्या हुआ? मेरा सपना खुद के पैसों से घर खरीदने का था। आपका बैकग्राउंड मायने नहीं रखता। आखिर में आपके हार्ड वर्क और डेडिकेशन की ही चर्चा होती है।"

तेलुगु फिल्मों में डेब्यू कर रही हैं महिमा

- जीटीवी के सीरियल 'सपने सुहाने लड़कपन के' में रचना गर्ग का रोल करने के बाद महिमा को सोनी टीवी के 'दिल की बातें दिल ही जाने' और जीटीवी के 'अधूरी कहानी हमारी' में रोल मिला।

- वे तेलुगु फिल्म 'वेंकटापुरम' से साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू कर रही हैं। फिल्म इसी महीने रिलीज हो सकती है।

ऊपर दी गई स्लाइड्स में देखें, महिमा के झुग्गी वाले पुराने घर और नए घर के अंजर की PHOTOS,,,

© Dainik Bhaskar

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