आप ब्राउज़र के पुराने संस्करण का उपयोग कर रहे हैं. MSN का सर्वश्रेष्ठ अनुभव प्राप्त करने के लिए, कृपया किसी समर्थित संस्करण का उपयोग करें.

गणेश चतुर्थी 2018:13 सितंबर को होगी गणेश स्थापना, जानिए इससे जुड़े नियम और जरूरी बातें

दैनिक भास्कर लोगो दैनिक भास्कर 12-09-2018 dainikbhaskar.com
© dainikbhaskar.com

13 सितंबर को गणेश चतुर्थी है। इस दिन कईं घरों और ऑफिस में गणेश जी की स्थापना की जाती है, लेकिन कई बार अनजाने में गलत जगह या वास्तु के अनुसार गलत दिशा में गणेश जी की मूर्ति स्थापित हो जाती है। जिसके कारण पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। उलटा दोष भी लगता है। गणेश स्थापना के लिए दिशा और जगह की शुद्धता का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। वहीं इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि गणेश जी की पीठ किस दिशा में होनी चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान - 

1 - गणेश जी को विराजमान करने के लिए ब्रह्म स्थान, पूर्व दिशा और उत्तर पूर्व कोण शुभ माना गया है लेकिन भूलकर भी इन्हें दक्षिण और दक्षिण पश्चिम कोण यानी नैऋत्य में नहीं रखें इससे हानि होती है।

2 - घर या आॅफिस में एक ही जगह पर गणेश जी की दो मूर्ति एक साथ नहीं रखें। वास्तु विज्ञान के अनुसार इससे उर्जा का आपस में टकराव होता है जो अशुभ फल देता है। अगर एक से अधिक गणेश जी की मूर्ति है तो दोनों को अलग-अलग स्थानों पर रखें।

3 - भगवान गणेश को मंगलमुखी भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहते हैं क्योंकि गणेश जी के मुख की तरफ समृद्धि, सिद्धि, सुख और सौभाग्य होता है। वहीं गणेश जी के पृष्ठ भाग पर दुख और दरिद्रता का वास माना गया है। इसलिए गणेश जी की स्थापना के समय ये ध्यान रखें कि मूर्ति का मुख दरवाजे की तरफ नहीं होना चाहिए।

4 - घर में गणेश जी की बांयीं ओर सूंड वाली मूर्ति रखना अधिक मंगलकारी माना गया है क्योंकि इनकी पूजा से जल्दी फल की प्राप्ति होती है। दायीं ओर सूंड वाले गणपति देर से प्रसन्न होते हैं।

5 - गणेश जी की प्रतिमा के पीछे दिवार होनी चाहिए। प्रतिमा के पीछे खाली जगह नहीं होनी चाहिए।

दैनिक भास्कर ऐप के साथ हमेशा अपडेट रहें। हिंदी में ताजा समाचार पढ़ने के लिए ऐप डाउनलोड करें

हमारी WhatsApp सेवा से जुड़ने के लिए +918375860084 पर “HI” भेजें। वायदा रहा हम आपको केवल काम की खबरें भेजेंगे, स्पैम नहीं।

दैनिक भास्कर हिंदी पर और पढ़ें

दैनिक भास्कर
दैनिक भास्कर
image beaconimage beaconimage beacon