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वरुण गांधी से जुड़े सवाल पर मेनका गांधी ने साधी चुप्पी, अपने साथियों से कहा ‘चलिए-चलिए’ और निकलती बनीं

Jansatta लोगो Jansatta 24-10-2021 ऋतुराज त्रिपाठी
वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं और लगातार अपनी ही सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वह कृषि कानूनों को लेकर किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। (मेनका गांधी-फाइल फोटो) © Jansatta द्वारा प्रदत्त वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं और लगातार अपनी ही सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वह कृषि कानूनों को लेकर किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। (मेनका गांधी-फाइल फोटो)

यूपी के सुल्तानपुर से सांसद और बीजेपी नेता मेनका गांधी अक्सर अपने बयानों की वजह से चर्चा में रहती हैं। लेकिन इस बार वह इसलिए चर्चा में हैं क्योंकि वह अपने बेटे वरुण गांधी से जुड़े सवालों पर मीडिया से बचती हुईं नजर आईं।

दरअसल न्यूज चैनल ‘आज तक’ के एक रिपोर्टर ने जब मेनका से वरुण गांधी के मुद्दे पर सवाल करने की कोशिश की तो मेनका ने जवाब नहीं दिया और वहां से जाने लगीं। रिपोर्टर ने पूछा कि वरुण गांधी लगातार सत्ता के खिलाफ ट्वीट कर रहे हैं, इस पर आप का क्या कहना है? इस सवाल के जवाब देने की बजाय मेनका गांधी वहां से चली गईं।

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बता दें कि वरुण गांधी पीलीभीत से सांसद हैं और लगातार अपनी ही सरकार पर हमला बोल रहे हैं। वह कृषि कानूनों को लेकर किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं और अपनी ही सरकार को नीतियों पर फिर से विचार करने की नसीहत दे रहे हैं।

दरअसल हालही में वरुण गांधी ने ट्वीट किया था कि व्यवस्था ने किसानों को कहां लाकर खड़ा कर दिया है? कृषि नीति पर दोबारा चिंतन आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

वरुण अपनी सरकार के खिलाफ पहली बार नहीं बोले हैं। इससे पहले भी वह किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं।

लखीमपुर का मुद्दा हो या धान खरीदने की नीति, वरुण ने सभी मुद्दों पर बोल्ड तरीके से अपनी बात रखी है। कुछ दिन पहले किसानों से जुड़े मुद्दे को लेकर वरुण ने सीएम योगी को चिट्ठी भी लिखी थी।

इन सब बातों के सामने आने के बाद बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति से मेनका गांधी और वरुण गांधी का नाम हटा दिया गया था। जिस पर मेनका गांधी ने कहा था कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने जब राष्ट्रीय कार्यसमिति, विशेष आमंत्रित और स्थायी आमंत्रित (पदेन) सदस्यों की सूची जारी की थी, तो उसमें पार्टी के सभी प्रमुख नेताओं के नाम शामिल थे, लेकिन मेनका गांधी और वरुण गांधी का नाम शामिल नहीं किया गया था।

राष्ट्रीय कार्यसमिति में 80 सदस्य हैं, जिनमें प्रमुख रूप से पीएम मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल आदि नेता शामिल हैं। इसके अलावा 50 विशेष आमंत्रित और 179 स्थायी आमंत्रित सदस्य हैं।

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